गाजीपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से किया गया। मुख्यमंत्री के कर-कमलों से हुए इस शुभारंभ का सजीव प्रसारण पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ किया गया। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी रू0 1,200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू निष्पादन तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के सम्मान समारोह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार रायफल क्लब में मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके उपरन्त सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री, पंचायती राज मंत्री, मा0 ओमप्रकाश राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेन्द्र राजभर, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगण, क्षेत्राधिकारी सदर, जिला स्तरीय अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। मा0 मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि, शिक्षक समाज का दीपक है। जब दीपक ही बीमार रहेगा, तो समाज को रोशनी कौन देगा। इसीलिए हमारी सरकार ने तय किया कि, शिक्षकों को स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त किया जाए ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों को पढ़ा सकें। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश चिकित्सा योजना के अन्तर्गत शिक्षक एवं उनके परिवारों को मा0 मुख्यमंजी द्वारा एक नये आगाज का शुभारम्भ किया, जिसमें जनपद गाजीपुर में 8242 शिक्षकों के माध्यम से गरीब, असहाय, एवं कमजोर बच्चों को सरकारी विद्यालयों में अच्छी शिक्षा दी जा रही है, जिसमें जनपद में 376 अनुदेशक, 6675 रसोईयॉ एवं 2471 शिक्षा मित्र है। जनपद गाजीपुर के समस्त सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे, बच्चो के पिता के खाते में 1200 रूपये की धनराशि डी0बी0टी0 माध्यम से भेजा गया। जनपद में कुल 1 लाख 79 हजार रूपये की धनराशि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा हस्तानातरण किया गया। उसके उपरान्त मा0 मंत्री ने 05 स्कूलो में प्रधानाचार्य को जनपद में अधिक नामांकन करने वाले प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री एवं अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगंण द्वारा जनपद के 10 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए तथा योजना के अंतर्गत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। अपने संबोधन में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल ने कहा कि, विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र के भावी नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसलिए राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, केजीबीवी के शिक्षक, विद्यालयों में कार्यरत रसोइये तथा उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताते हुए कहा कि, आज का दिन शिक्षक समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री ने जो कैशलेस चिकित्सा योजना दी है, इससे शिक्षक अब बिना टेंशन के अपना काम करेंगे। उन्होंने कहां की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हमारे शिक्षक साथियों के सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। उनकी और उनके परिवार की स्वास्थ्य चिंता अब सरकार की जिम्मेदारी है। अब इलाज के लिए जेब से पैसा नहीं लगेगा, सीधा कैशलेस इलाज मिलेगा। यह योजना शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगी और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान लगाने का अवसर देगी। मैं सभी सम्मानित प्रधानाचार्यों को बधाई देता हूँ जिन्होंने अधिक नामांकन कर शिक्षा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि, गाजीपुर शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि, शिक्षक हमारे बच्चों का भविष्य बनाते हैं। सरकार ने उनकी स्वास्थ्य चिंता दूर कर बहुत बड़ा काम किया है। पंचायत स्तर पर हम सभी स्कूलों में इस योजना का प्रचार करेंगे ताकि कोई भी शिक्षक वंचित न रहे। मुख्यमंत्री द्वारा आज प्रदेश के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय करने हेतु धनराशि 1200 रूपये हस्तांतरित कर दी गयी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे प्राप्त धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति में करें तथा उन्हें निर्धारित वेशभूषा में नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर, खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक/शिक्षामित्रा के साथ जनपद स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगंण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया।
जयप्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर


















