आजमगढ़ : मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरांव गांव निवासी धर्मेन्द्र चौहान अफगानिस्तान में फंसा

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आज़मगढ़। तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा हो जाने के उपरांत मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नरांव निवासी धर्मेन्द्र चौहान 45 वर्ष पुत्र हरखू चौहान का परिवार चिंतित हैं। दो वर्ष पहले 17 सितम्बर 2019 को घर से अफ्गानिस्तान के लिए निकला और वहां पर रहकर स्टील प्लांट में काम करने लगा परन्तु हाल ही में अफगानिस्तान पर संकट का समाचार मिला कि अफ्गानिस्तान सरकार को बेदखल करके तालिबान ने अपना कब्जा कर लिया है। जिससे भारत सहित अन्य देश के अफ्गानिस्तान में रहकर काम कर रहे लोगों पर भी संकट उत्पन्न हो चला इस खबर से धर्मेन्द्र चौहान के परिजन घर पर विचलित हो उठे ।
थाना क्षेत्र के नरांव के रहने वाले हरखू चौहान का पुत्र धर्मेन्द्र चौहान के घर परिजनों का हाल व सच जानने के लिए घर पर सम्पर्क किया गया तो परिजन भाभी कौशिल्या देवी व पत्नी आशा देवी घर पर मौजूद मिली पूछने पर भाभी व पत्नी ने संयुक्त रूप से बताया कि आज प्रातः आठ बजे फोन से वार्ता हुई है।वह अपने स्टील प्लांट में रहकर सुरक्षित काम कर रहे हैं। उन्हें किसी प्रकार का कोई खतरा महसूस नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि वह विगत दो वर्ष पहले 17 सितम्बर 2019 को घर से गए थे। वहां जाकर तभी से एक स्टील फैक्ट्री में काम कर रहे है। इधर तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा करके अपनी सरकार बना ली है।इस बीच अफ्गानिस्तान में काफी अफरा तफरी का माहौल कायम हुआ बाहर विदेश के लोग अफ्गानिस्तान में रहकर अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे । और वहां से निकलकर किसी तरह से अपने देश में जाने की हर कोशिश करने में लगे हुए हैं। इस माहौल की खबर पाकर धर्मेन्द्र चौहान के घर पर उदासी थी। कि वह वहां पर किस हाल में होगा इस चिन्ता में परिजन काफी परेशान है‌। परन्तु फोन पर हुई वर्ता के बाद से परिजन राहत महसूस कर रहे हैं। धर्मेन्द्र चौहान पांच भाईयों में दूसरे नंबर पर है। धर्मेन्द्र चौहान के दो पुत्र व एक पुत्री बताई जाती है।

मानव अपना प्लान बनाता है। परन्तु बिधाता उसे टाल देता है। ऐसा ही कुछ अफ्गानिस्तान में रहकर धर्मेन्द्र चौहान के साथ हुआ। बता दें कि 15 अगस्त के दिन ही अफनिस्तान से उड़ान भरकर उसे अपने देश भारत लौटना था लेकिन बिधाता को कुछ और ही मंजूर था। कि तालिबान उसी दिन अफ्गानिस्तान पर धावा बोलकर कब्जा कर लिया जिससे धर्मेन्द्र चौहान घर के लिए उड़ान नहीं भर सका।