हेरोइन तस्करी पर प्रभावी रोकथाम नहीं करने का आरोप, विभागीय जांच के दिए आदेश
आजमगढ़। पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायमीर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द यादव और आरक्षी विकास कुमार यादव को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों पर अपने हल्का एवं बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण, प्रभावी गश्त और निगरानी नहीं करने, मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने तथा संबंधित अभियुक्त के विरुद्ध समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई न करने का आरोप है। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए कार्रवाई की गई है। प्रकरण 3 जुलाई 2026 का है, जब सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापारा पुलिया के पास पूनापोखर निवासी वीरु सोनकर को 50 पुड़िया अवैध हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया, लेकिन जांच में सामने आया कि संबंधित हल्का प्रभारी और बीट आरक्षी ने अपने क्षेत्र में अपेक्षित निगरानी और कार्रवाई नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर निलंबन की कार्रवाई की है। एसएसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ सोनू कुमार के रिपोर्ट




















