सुल्तानपुर। विमुक्त दिवस के अवसर पर निषाद पार्टी की ओर से विमुक्त जनजाति (DNT) एवं निषाद वंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि निषाद वंश की विभिन्न उपजातियां लंबे समय से सामाजिक एवं आर्थिक विसंगतियों का सामना कर रही हैं। संगठन ने मांग की कि जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को एक साथ दर्ज किया जाए और जाति के कॉलम में संबंधित समुदाय का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
ज्ञापन में केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मांझी, कश्यप, तुरहा, मछुआरा, रेकवार आदि को निषाद वंश की पर्यायवाची जातियां बताते हुए इनकी सही जनसंख्या दर्ज किए जाने की मांग की गई है।
संगठन ने उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अन्य राज्यों की तरह अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने, विमुक्त जनजातियों के लिए शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने तथा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद समाज के लोगों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित किए जाने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में केंद्र एवं प्रदेश सरकार के साथ-साथ संबंधित आयोगों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपील की गई है।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष राजेश कुमार निषाद, संगठन जिलाध्यक्ष रमेश निषाद पुर्व प्रधान, क्षत्रिय प्रकोष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय सचिव केश कुमारी निषाद, प्रदेश सचिव बृजलाल वर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रेम चंद निषाद, रघुवीर निषाद प्रदेश सोशल मीडिया it प्रभारी, हरिश्चंद्र निषाद, दुर्गेश मिश्रा,




















