खांकी के इकबाल पर सवाल, स्वर्ण व्यवसायी के साथ मारपीट का वीडियो वायरल, हाई-वे की घटना…..पुलिस नदारद
अखण्डनगर /सुल्तानपुर
अमहट चौराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सराफा व्यवसायी को सरेराह घेर कर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया। *आरोप है कि रिक्शा चालक साहिल खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर सराफा व्यवसायी शशांक कौशल को घेर लिया और बेल्ट से मारपीट की,* सूत्रों की मानें तो मारपीट करने वाले *हमलावर एक हिस्ट्रीशीटर के सागिर्द बताए जाते हैं,जिनके तालुकात बगैर नम्बर वाली स्कार्पियो से जुड़े है जो कि महकमें की ही बताई जाती है….. जिनमें कुछ एकाद हितचिंतक अब टीम के ही शुभचिंतक बन कर कदमताल करते हुए अदृश्य तौर पर नजर आ रहे हैं ।*
बताया जा रहा है कि चौराहे पर अचानक हुई मारपीट से लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
*वीडियो में मारपीट का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है*
अब सवाल यह है कि शहर के व्यस्त चौराहे पर सरेराह मारपीट करने वालों पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है? अमहट जैसे प्रमुख चौराहे पर हुई इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
*प्रमुख त्यौहारों पर एसपी की सख्ती…… निरीक्षणों का देर रात चर रहा चेकिंग अभियान…… घटना ने खोली मुकम्मल पुलिसिंग की पोल? एजेंडा दिखेगा बरकरार*
हाल फिलहाल जिले के खांकीधारी मुखिया ने एक थाने का देर रात निरीक्षण किया था, बकायदा उसकी मीडिया ब्रीफिंग भी हुई थी, लेकिन आज हुई घटना ने निरीक्षण व हिदायतों की पोल खोल कर रख दी । ऐसे में सवाल यह खड़े होते हैं कि निरीक्षण का चश्मा विभागीय है या फिर चश्में की फिटिंग महकमें के खेवनहारों के मुताबिक तय कर खबरनबीशों के सामने तय की जा रही है ।
*यह कहते हैं चौकी इंचार्ज अमहट*
जब घटना के बाबत चौकी इंचार्ज अमहट से बात की गयी तो उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त होने की बात कहते हुए, बताया कि उक्त व्यवसायी नशे में था जो कि रिक्शे वाले को किराया देने को लेकर विवाद किया, अभी तो मैं पूछताछ करूंगा ।
*अवैध उगाही को लेकर सुर्खियों में रहा, अमहट चौराहा….. मुफ्त के मंजन, घिस रघुनन्दन…. हुआ जग जाहिर*
कोतवाली नगर थाना क्षेत्र की अमहट पुलिस चौकी बीते दिनों संवेदनशीलता की चौखट पर है, शिकायतों की मॉनिटरिंग कई चरणों में हो रही हैं, लेकिन विभागीय जानकारों की मानें तो लोकल इंटेलिजेंस भी चश्में को हुक्कमरानों के मुताबिक सेट कर सच्चाई से नजरें फिरा कर कई घटनाओं को दफन करने की कोशिश की या फिर यूं कहें कि दफ़न कर दिया, जिसकी जानकारी हाकिम तक को नहीं ।
नरेश कुमार के मास न्यूज पत्रकार अखण्डनगर सुल्तानपुर



















