गरीबों पर बुलडोजर, भूमाफियाओं पर मेहरबानी? जलालपुर तहसील प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

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अम्बेडकरनगर, जलालपुर

जलालपुर तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ दिन पहले तहसील प्रशासन ने एक गरीब परिवार के छप्परनुमा आशियाने पर कार्रवाई कर उसे हटा दिया। कार्रवाई के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक छोटी बच्ची अपने स्कूल बैग और किताबों को बचाकर भागती हुई दिखाई दे रही है। इस दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया और प्रशासन की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया।

वहीं दूसरी ओर भियाव ब्लॉक के मढ़वरपुर ग्राम सभा चक अजभुजगी में सरकारी भूमि पर वर्षों से चले आ रहे कथित अवैध कब्जे का मामला अभी तक जस का तस बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गाटा संख्या 78 की लगभग 32 बिस्वा तालाब भूमि में से मौके पर मात्र 10-12 बिस्वा भूमि ही शेष बची है। इसके अलावा गाटा संख्या 29 व 33 की बंजर भूमि तथा चक मार्ग संख्या 37 पर भी कथित रूप से भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किया गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, समाचार पत्रों और विभिन्न माध्यमों से कई बार जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन के संज्ञान में लाया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बताया जाता है कि उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता द्वारा लगभग एक वर्ष पूर्व संबंधित लोगों को बेदखली नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद आज तक कब्जा नहीं हटाया गया।

यही वह सवाल है जो अब जनता पूछ रही है कि यदि बेदखली नोटिस जारी हो चुका था तो एक वर्ष बाद भी सरकारी भूमि को कब्जामुक्त क्यों नहीं कराया गया? क्या प्रशासन की कार्रवाई केवल गरीब और कमजोर लोगों तक ही सीमित है? या फिर भूमाफियाओं को किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त है?

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कई बार स्पष्ट कहा है कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद जलालपुर तहसील क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे इस मामले में कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।

अब क्षेत्रीय जनता की निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि गरीबों के आशियाने पर तत्काल कार्रवाई हो सकती है, तो सरकारी तालाब, बंजर भूमि और चक मार्ग पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन कथित भूमाफियाओं पर प्रशासन का बुलडोजर कब चलेगा?

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