आजमगढ़ अहरौला
राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में सोमवार को ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय नवाचार अभिविन्यास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. महेंद्र प्रकाश ने की। कार्यशाला का आरम्भ करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. जमालुद्दीन अहमद ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का युग नवाचार और तकनीक का है। छात्राओं में पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ अपनी सृजनात्मक क्षमताओं को पहचान कर नए विचारों को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों के विभिन्न पहलुओं और अवसरों पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. महेंद्र प्रकाश ने कहा कि देश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। जब छात्राएं तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएंगी, तभी एक आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव हो सकेगा। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने की ओर अग्रसर है। देश के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की क्षमता रखते हैं। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। छात्रा सोनम कुमारी, अंशिका, जूही पाठक व शिवांगी पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नवाचार केवल प्रयोगशालाओं में होने वाले जटिल आविष्कार नहीं हैं। इसका आशय है कि कैसे हम कम लागत में बेहतर तकनीक का उपयोग करके अपने किसानों की आय बढ़ा सकते हैं, ग्रामीण क्षेत्रों तक सुलभ वित्तीय प्रक्रिया को पहुँचा सकते हैं, या फिर स्वास्थ्य क्षेत्र में टेलीमेडिसिन को सुलभ बना सकते हैं। इनोवेशन वह रास्ता है जो नया बाजार तैयार करता है और उत्पादकता को कई गुना बढ़ाता है। देश के निर्माण और नवनिर्माण में युवा शक्ति विशेषकर युवा महिलाओं की सहभागिता ही भारत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाएगी। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यालय सहायक अदिति सिंह, शोभनाथ, संतोष और भारी संख्या में छात्राओं की उपस्थित रही।
अहरौला से संवाददाता संतोष मिश्रा उर्फ सोनू




















