जन सेवा केंद्र संचालक ने ग्रामीणों के खाते में से धोखे से उड़ाये रुपये ,पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद

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आजमगढ़

मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में सहज जनसेवा केंद्र संचालक द्वारा ग्रामीणों के बैंक खातों से कथित तौर पर धोखाधड़ी कर रकम निकालने के मामले में साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15,630 रुपये नकद, विभिन्न बैंकों के 18 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, चार आधार कार्ड, लैपटॉप, माइक्रो एटीएम और बायोमीट्रिक मशीन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान की मुहर और हस्ताक्षर किए हुए सादे कागज भी बरामद होने का पुलिस ने दावा किया है।

 

एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की टीम ने कार्रवाई की।

 

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर को साइबर सेल को सहज जनसेवा केंद्र संचालक अनिल कुमार पुत्र सरभू राम निवासी जमुनीपुर, थाना मेहनाजपुर के खिलाफ शिकायत मिली थी। आरोप था कि वह ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकाल रहा है। शिकायत की जांच के बाद मेहनाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

पुलिस के मुताबिक तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद मुखबिर की सूचना के आधार पर साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को उस समय पकड़ लिया, जब वह मोटरसाइकिल से अपने घर जमुनीपुर की ओर जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से नकदी और बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।

 

बरामद सामान में 15,630 रुपये नकद, एक एचपी लैपटॉप, दो माइक्रो एटीएम मशीन, एक बायोमीट्रिक मशीन, एक यूएसबी जीपीएस रिसीवर, तीन मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों के 18 एटीएम व क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा 13 बैंक पासबुक और चार आधार कार्ड भी मिले हैं।

 

पुलिस ने एक कूटरचित प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत चाकीडीह की एक मुहर तथा मुहर लगे तीन हस्ताक्षरित सादे कागज भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी मोटरसाइकिल के कागजात भी प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया।

 

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी जनसेवा केंद्र संचालित करने के दौरान ग्रामीणों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेता था। इसके बाद कथित तौर पर इनका इस्तेमाल कर बैंक खातों से धनराशि की निकासी या ट्रांसफर करता था। पुलिस के अनुसार ग्राम प्रधान की मुहर का दुरुपयोग कर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार करने और लोगों से धोखाधड़ी करने की बात भी जांच में सामने आई है।

 

पुलिस का कहना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही संबंधित बैंक खातों और उनमें हुए लेन-देन की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे धोखाधड़ी से जुड़े अन्य मामलों और धनराशि का पता लगाया जा सके।

 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार (36) पुत्र सरभू राम, निवासी ग्राम जमुनीपुर, थाना मेहनाजपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसके खिलाफ मेहनाजपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 83/2026 के तहत धारा 316(2), 336(3), 341(1), 317(2) बीएनएस और धारा 66(C) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

 

कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल श्याम कुमार और सत्येंद्र यादव तथा मेहनाजपुर थाने के उपनिरीक्षक दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल गुरुदयाल सिंह, हेड कांस्टेबल पवन कुमार सिंह और रिजर्व कांस्टेबल गौरव मणि शामिल रहे।

सब ब्यूरो चीफ महादेव यादव की रिपोर्ट

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