ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म, अब स्कूल MDM खाते प्रधानाध्यापक और SMC अध्यक्ष चलाएंगे
मुडिला/सुल्तानपुर
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जिले में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन पर आई बाधा को जिलाधिकारी ने दूर कर दिया है। डीएम ने स्पष्ट आदेश जारी कर कहा है कि नई ग्राम पंचायतों के गठन तक स्कूलों में बच्चों का भोजन प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यालय-जिलाधिकारी सुल्तानपुर से 03/08/2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश शासन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत अब तक एमडीएम के बैंक खाते ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित होते थे। लेकिन 26.05.2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण कई बैंक शाखाओं ने खातों पर रोक लगा दी थी। इससे स्कूल स्तर पर भोजन बनाने और सामग्री खरीद में दिक्कत आ रही थी।
इस समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण, लखनऊ और शासन के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए नया प्रबंध लागू किया है। नए आदेश के मुताबिक, ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के बाद नई पंचायतों की पहली बैठक तक विद्यालय स्तरीय एमडीएम निधि खातों का संचालन अब विद्यालय प्रबन्ध समिति/अभिभावक संघ के अध्यक्ष और विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा।
आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान में ग्राम प्रधानों के पास उपलब्ध खाद्यान्न और परिवर्तन लागत की धनराशि को तत्काल संबंधित विद्यालय प्रबन्ध समिति को हस्तांतरित किया जाए, ताकि बच्चों को समय पर भोजन मिलता रहे। यह व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
डीएम ने इस आदेश की प्रति निदेशक मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण लखनऊ, सीडीओ, बीएसए, बीईओ और सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को भेजते हुए तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इस फैसले से जिले के हजारों परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की थाली पर संकट के बादल छंट गए हैं और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
विवेक कुमार पत्रकार मुड़िला





















