आजमगढ़। शहर के बाज बहादुर वार्ड में रविवार की रात करीब 7:30 बजे बिजली के जर्जर तार टूटकर सड़क पर गिर गए। तारों के टूटते ही शॉर्ट सर्किट होने लगा और मुख्य मार्ग पर काफी देर तक तेज आवाज के साथ विस्फोट होते रहे। तारों से निकलती चिंगारियां सड़क पर गिरने के कारण आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की आशंका को देखते हुए लोग इधर-उधर हट गए और मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क किनारे लगे पोल पर बिजली के तार काफी समय से जर्जर हालत में लटक रहे थे। रविवार की शाम अचानक ओवरलोडिंग के बीच तारों में फाल्ट हुआ और तार टूटकर नीचे जा गिरे। इसके बाद शॉर्ट सर्किट के कारण लगातार चिंगारियां निकलती रहीं। गनीमत रही कि घटना के समय रविवार की शाम होने के कारण मुख्य मार्ग पर आम दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
तार टूटने के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। उमस भरी गर्मी के बीच शाम से ही बिजली गुल होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में लोग परेशान रहे और देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते रहे।
घटना की सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के लाइनमैन और कर्मचारी वाहन के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद टूटे तारों को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास शुरू किया गया। मरम्मत की प्रक्रिया में काफी समय लगने के कारण लोगों को आधी रात तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इलाके में ओवरलोडिंग की समस्या है तो बिजली विभाग को इसकी नियमित जांच करानी चाहिए। पुराने और जर्जर तारों को समय रहते बदलने के साथ ही ट्रांसफार्मर और बिजली के लोड की क्षमता की भी जांच होनी चाहिए। लोगों ने मांग की कि विभाग अभियान चलाकर ओवरलोडिंग की जांच करे और जहां जरूरत हो वहां लोड बढ़ाया जाए, ताकि बार-बार होने वाले फाल्ट और तार टूटने की घटनाओं से राहत मिल सके।
सब ब्यूरो चीफ़ महादेव यादव आजमगढ की रिपोर्ट




















