विधानसभा कादीपुर के एक मतदाता ने आरक्षित सीटों को रोटेशन में की मांग,हाईकोर्ट ने किया इंकार, कहा-यह संसद का है विशेषाधिकार
कादीपुर/ मूङिला
सुल्तानपुर इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में एस सी, एस टी वर्ग के लोगो के लिए आरक्षित सीट व्यवस्था लागू थी, जिसको सुल्तानपुर जिले के विधानसभा कादीपुर के पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कादीपुर विधानसभा के सीट को रोटेशन के हिसाब से चलने की याचिका दाखिल किया था, जिसको लखनऊ हाईकोर्ट की बैच ने यह कहते हुए मना कर दिया कि “रोटेशन व्यवस्था बेहतर हो सकती है लेकिन कानून बनाना संसद का अधिकार है” याचिका में कहा गया कि कादीपुर विधानसभा क्षेत्र लगभग छः दशक से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इसमें सामान्य वर्ग के मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने और प्रतिनिधित्व करने का समान अवसर नहीं मिल पा रहा है। याची में डिलीमिटेशन एक्ट 2002 की धारा 9(ब) को भी चुनौती दी थी। इस प्राविधान के तहत उन निर्वाचन क्षेत्रों को आरक्षित किया गया है। जहां सी या एस टी आबादी का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक होता है। इस याचिका में यह भी तर्क दिया गया था कि पंचायत और नगर निकायों की तरह विधानसभा और लोकसभा सीटों पर आरक्षण का रोटेशन लागू करना चाहिए। ताकि सभी क्षेत्रों में सभी मतदाताओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सके। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा की संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 संसद तथा विधानसभाओं में एस सी, एसटी आरक्षण का प्रावधान है। लेकिन लागू करने की पद्धति निर्धारित नहीं करते संसद को इस संबंध में कानून बनाने का अधिकार है, और उसी अधिकार के तहत डेलीमेटेशन एक्ट 2002 बनाया गया है। इस याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राव अवकाशकालीन समय में किया।
विवेक कुमार पत्रकार मुडिला



















